हमारी संस्थापिका
हमें ऐसे बालको का निर्माण करना है, जिनके चेहरे पर आभा, शरीर में बल, मन में प्रचण्ड इच्छा शक्ति, बुद्धि में पाण्डित्य, जीवन में स्वावलम्बन, ह्रदय में शिवा, प्रताप, ध्रुव, प्रह्लाद की जीवन गाथाए अंकित हो | जिन्हे देखकर महापुरुषों की स्मृतियां झंकृत हो उठे |
प्रातः स्मरणीय श्रीमती कृष्णा देवी महाराज सिंह चौहान